खामोशियों में बातें

चिठ्ठियों की एक खासियत है कि वो रूठे और टूटे रिश्तों तक भी पहुंच जाती थी। खत उनके हाथों तक पहुँच ही जाते थे। पर अब ऐसा नही होता!